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GST से कार या बाइक खरीदते वक्‍त आपकी जेब पर पड़ेगा कितना असर

May 24, 2017

GST: मूवी और टीवी देखना पसंद है, तो आपको मिलने वाली है राहत

अगर आप भी सिनेमा और टीवी सीरियल के शौकीन हैं, तो आपके लिए एक अच्‍छी खबर है. दरअसल, वस्तु और सेवाकर (GST) व्यवस्था के तहत मनोरंजन, केबल, डीटीएच सर्विस पर टैक्‍स घटने जा रहा है.

इन पर राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला एंटरटेनमेंट टैक्‍स अब GST में ही समा जाएगा.

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सिनेमाघरों में फिल्में 28 फीसदी टैक्‍स स्‍लैब के दायरे में आएंगी. ये व्‍यवस्‍था एक जुलाई से लागू होने जा रही है. यहां क्लिक करें

जीएसटी संबंधित सवालों के जवाब देगा आईसीआईए

एक जुलाई से देश में लागू हो रहे जीएसटी को समझने में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकांउटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीआईए) ने पहल है। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए व्यापारी बुधवार से शाम पांच से छह बजे तक 0522-2301524 पर कॉल कर सकते हैं। इसके साथ ही गोमतीनगर स्थित आईसीआईए भवन में जाकर भी जानकारी ली जा सकती है। 31 जुलाई तक हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को जानकारी दी जाएगी। यहां क्लिक करें

कन्फ्यूज न हों, जानें जीएसटी के फायदे व नुकसान

जीएसटी को लेकर हर ओर बहस जारी है। प्रदेश के व्यापारी वर्ग में खासतौर से इसको लेकर काफी कन्फ्यूजन है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि आखिर क्या है जीएसटी औ क्या हैं फायदे नुकसान। जीएसटी यानि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स , ये एक ऐसा टैक्स है जो टैक्स के भारी जाल से मुक्ति दिलाएगा। जीएसटी आने के बाद बहुत सी चीजें सस्ती हो जाएगी, हांलाकि कुछ जेब पर भारी भी पड़ेंगी।

जानकारों के मुताबिक गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक अप्रत्यक्ष कर यानी इंडायरेक्ट टैक्स है। जीएसटी के तहत वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान टैक्स लगाया जाता है। जहां जीएसटी लागू नहीं है, वहां वस्तुओं और सेवाओं पर अलग-अलग टैक्स लगाए जाते हैं। सरकार अगर इस बिल को 2016 से लागू कर देती तो हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ एक टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स जैसे करों की जगह सिर्फ एक ही टैक्स लगेगा। यहां क्लिक करें

GST से कार या बाइक खरीदते वक्‍त आपकी जेब पर पड़ेगा कितना असर

गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल ने लगभग सभी चीजों और सेवाओं के लिए टैक्स की दर तय कर लिया है. इससे कुछ चीजें सस्ती होंगी, तो कुछ महंगी. लेकिन यहां हम आपको बता रहे हैं कि जीसएटी की दरों से आपकी गाड़ी खरीदने के फैसले पर कितना असर पड़ा है.

ICRA की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटोमोबाइल सेक्टर पर 28% टैक्स लगेगा. इनमें SUV जैसी बड़ी कारों पर 15% अलग से सेस भी शामिल है, जबकि छोटी गाड़ियों पर पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के हिसाब से 1% और 3% का सेस लगेगा. यहां क्लिक करें

GST से स्टील इंडस्ट्री को फायदा होने की उम्मीद, इन फैक्टर्स से भी मिलेगा सपोर्ट

गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) से स्टील इंडस्ट्री को फायदा मिलने की उम्मीद है। जीएसटी काउंसिल ने स्टील के लिए जीएसटी रेट 18 फीसदी तय किया है, जो पहले से थोड़ा कम है। रेट में कमी से कर्ज के बोझ से दबी स्टील कंपनियों को रिकवरी में मदद मिलेगी। इसके अलावा सरकार ने स्टील कंपनियों की बिक्री बढ़ाने और इंपोर्ट घटाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए हैं। जीएसटी रेट में कमी के अलावा और कई ऐसे फैक्टर्स सपोर्ट कर रहे हैं जो आगे चलकर स्टील सेक्टर के लिए फायदेमंद साबित होगा। यहां क्लिक करें

अर्थशास्त्री ने किया GST पर बड़ा खुलासा, बताई उपभोक्ताओं की सोच

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरें तय होते ही कई लोगों ने इसका विरोध किया। तो, कई अर्थशास्त्री का कहना है कि इसके लागू हो जाने से व्यापार में गिरावट देखने को मिलेगा, जबकि कई अन्य अर्थशास्त्री का यह मानना है कि इसका बिक्री पर कोई असर देखने को नहीं मिलेगा।

आदित्य बिड़ला ग्रुप के समूह के मुख्य अर्थशास्त्री अजित रानडे का कहना है कि जीएसटी लागू हो जाने से खरीदारी में कोई कमी देखने को नहीं मिलेगा। ग्राहक अपनी जरूरत की चीजों को खरीदेंगे। यहां क्लिक करें

GST को लेकर बाबा रामदेव खुश नहीं, नहीं भा रहे हैं आयुर्वैदिक प्रोडक्ट पर टैक्स रेट

एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के लिए तैयार है। सरकार ने जीएसटी के अंतर्गत लगने वाले टैक्स की दर भी निर्धारित कर दी है। ख़बरों की माने तो जीएसटी की दरों से बाबा रामदेव खुश नहीं हैं। सरकार ने आयुर्वेदिक प्रोडक्ट पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाने जा फैसला किया है। इससे पहले आयुर्वेदिक प्रोडक्ट पर 5 प्रतिशत टैक्स लगता था।

इकनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पतंजलि के प्रवक्ता एस. के. तिजारावाला का कहना है कि ‘हम आम आदमी के हित में सरकार से आयुर्वेदिक कैटिगरी के लिए GST रेट पर दोबारा विचार करने का निवेदन कर रहे हैं। अच्छी सेहत या अच्छे जीवन के बिना अच्छे दिन नहीं आएंगे।’ पतंजलि का कहना है कि कंपनी मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि आम आदमी के लिए किफायती दामों पर इलाज और देखभाल के लिए बिजनस कर रही है। यहां क्लिक करें

आम आदमी के असली झाड़ू को लगा झटका, जीएसटी में 5 फीसदी लगेगा टैक्स

अब तक कश्मीर को छोड़कर सभी राज्यों में वैट से मुक्त झाड़ू के बुरे दिन आने वाले हैं. वह इसलिए कि 1 जुलाई से झाड़ू पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगने जा रहा है. संयोगवश राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी का चुनाव चिह्न भी झाड़ू है सो आप नेताओं ने सरकार के झाड़ू को जीएसटी के दायरे में लाने पर विरोध जताया है. आप की ट्रेड विंग ने इसे हाउसहोल्ड इंडस्ट्री और स्वच्छ भारत अभियान के लिए झटका बताया है. यहां क्लिक करें

जीएसटी से वस्तुओं के दाम घटेंगे: मनोहर पर्रिकर

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से वस्तुओं के दाम घटेंगे. उन्होंने कहा, ‘इस नयी कराधान व्यवस्था से वस्तुओं के दाम नीचे आयेंगे.’

पर्रिकर मंगलवार को पणजी में ऐतिहासिक कर व्यवस्था और विभिन्न क्षेत्रों पर उसके प्रभावों पर व्याख्या के लिए बुलाई गई विशेष बैठक में विधायकों को संबोधित कर रहे थे.

गोवा विधानसभा ने हाल ही में राज्य जीएसटी विधेयक को पास किया है. यहां क्लिक करें

जीएसटी दरों पर सेक्टरों की तरफ से उठे सवाल

जीएसटी दरों पर सेक्टरों की तरफ से सवाल उठ रहे हैं। जीएसटी से कई सेक्टरों को नुकसान का अंदेशा है जिसके चलते इनमें नाराजगी देखने को मिल रही है। टैक्स रेट बढ़ने से नाराज सेक्टर सरकार से फिर से विचार की मांग कर रहे हैं। सोलर, दूरसंचार, रेलवे जीएसटी रेट से निराश हैं। जीएसटी रेट से ई-व्हीकल, होटल इंडस्ट्री भी नाखुश है। रेलवे ने वित्त मंत्रालय से मांग की है कि हर तरह के टिकट को जीएसटी फ्री कर दिया जाए। कई दूसरे सेक्टरों ने भी जीएसटी रेट्स को लेकर नाराजगी जताई। यहां क्लिक करें

जीएसटी में 18 प्रतिशत कर का बोझ दूरसंचार कंपनियों पर डालेंगी मोबाइल टावर कंपनियां

मोबाइल टावर कंपनियां वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में 18 प्रतिशत कर का बोझ दूरसंचार कंपनियों पर डालेंगी जिससे आम लोगों का फोन बिल बढ़ेगा। उद्योग संगठन टावर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (ताइपा) के महानिदेशक तिलक राज दुआ ने कहा कि मोबाइल टावर कंपनियां उन पर लगाए गए कर बोझ दूरसंचार ऑपरेटरों पर डालेंगी।

18 प्रतिशत की उंची कर दर तथा इनपुट कर क्रेडिट उपलब्ध नहीं होने की वजह से दूरसंचार ऑपरेटरों की कर देनदारी बढ़ेगी और इससे अंतिम उपभोक्ता को सेवा की लागत महंगी होगी। ताइपा भारती इन्फ्राटेल, अमेरिकन टावर कारपोरेशन, इंडस टावर्स, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और जीटीएल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है। यहां क्लिक करें

इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट के लिए जीएसटी दरें ज्यादा

जीएसटी आने के बाद इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियों को झटका लग सकता है। क्रेडिट सुईस की रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी से हैवेल्स, भारत वायर और वी-गार्ड को झटका लगेगा। क्रॉम्पटन ग्रीव्ज और बजाज इलेक्ट्रिकल्स के मार्जिन में गिरावट देखने को मिल सकती है।

क्रेडिट सुईस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट के लिए जीएसटी दरें ज्यादा हैं, ऐसे में इस सेक्टर में असंगठित क्षेत्र से संगठित क्षेत्र की ओर बढ़ना धीमा होगा। यहां क्लिक करें

GST: फ्लैट्स की कीमतों में आएगी 5 पर्सेंट की गिरावट

केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से तैयार मकानों और अपार्टमेंट्स पर 12 पर्सेंट जीएसटी लगाए जाने की मंजूरी के बाद फ्लैट्स की कीमतों में 5 पर्सेंट तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। सीमेंट, स्टील, पेंट्स और अन्य आइटम्स पर टैक्स क्रेडिट को मंजूरी दिए जाने के बाद खरीददारों पर वास्तविक बोझ में कमी आएगी। एक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट ने कहा कि इसके चलते 1 करोड़ के फ्लैट की कीमत से 3 से 5 लाख रुपये तक कम हो जाएगी। अफोर्डेबल सेगमेंट के 30 लाख रुपये (3,500 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट एरिया) तक के फ्लैट्स में भी 5 फीसदी तक की कमी आएगी। यहां क्लिक करें

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