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पड़ेगी महंगाई की मार, 40 फीसदी तक जा सकती है जीएसटी दर

Mar 15, 2017

जीएसटी की दरों में हो सकता है थोड़ा और इजाफा: सीबीईसी

नई वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में अप्रत्यक्ष करों की प्रभावी दर पर अभी अस्पष्टता है। वैसे तो इस पर काम जारी है, लेकिन केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने कहा है कि करों को मौजूदा स्तर से कुछ बढ़ाए जाने की संभावना है।

सीबीईसी के चेयरमैन नजीब शाह ने बताया कि माना जा रहा है कि कम से कम पहले पांच साल के दौरान कर निर्धारण का मौजूदा स्तर नहीं घटेगा। फिलहाल इसमें थोड़ी बढ़ोतरी होगी। अभी 5, 12, 18 और 28 फीसद वाले चार स्लैब के टैक्स ढांचे पर काम जारी है। कर दरों के अलावा सेस भी होगा। यह उस कोष का हिस्सा बनेगा जिससे राज्यों को जीएसटी लागू होने पर राजस्व हानि की भरपाई की जाएगी। जीएसटी परिषद उन जिंसों का निर्धारण करेगी जिन पर सेस लगेगा। यहां क्लिक करें

पड़ेगी महंगाई की मार, 40 फीसदी तक जा सकती है जीएसटी दर

देश में जीएसटी लेवी की दरें 40 फीसदी तक पहुंच सकती है। जीएसटी काउंसिल ने वस्तु और सेवा कर बिल में इसकी उच्चतम दर 14 फीसदी से बढ़ा कर 20 फीसदी करने का प्रस्ताव किया है। काउंसिल लोकसभा में भेजे जाने वाले मॉडल जीएसटी बिल में यह प्रावधान जुड़वाना चाहती है। जीएसटी की उच्चतम दर में इजाफे का प्रस्ताव इसलिए किया जा रहा है ताकि भविष्य में इसमें किसी परिवर्तन के लिए संसद का मुंह न देखना पड़ा। दरअसल केंद्रीय जीएसटी 20 फीसदी हो जाने के बाद राज्य जीएसटी दर भी 20 फीसदी हो जाएगी। इस तरह दोनों मिलाकर जीएसटी की उच्चतम दर 40 फीसदी हो जाएगी। यहां क्लिक करें

GST : दो साल के ऊंचे स्तर पर शेयर बाजार, सेंसेक्‍स उछला

दलाल स्ट्रीट ने सोमवार को शानदार वापसी की। वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी की प्रगति से उत्साहित निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में जमकर लिवाली की। इससे बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 215.74 अंक चढ़कर दो साल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।

यह संवेदी सूचकांक 29 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर 29048 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 65.90 अंक मजबूत होकर 8963.45 अंक पर पहुंच गया। यहां क्लिक करें

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण, पीएम नरेंद्र मोदी बोले- उम्मीद है GST पास होगा

पांच राज्यों के चुनाव के चलते गरमाई राजनीति का पारा आज से देश की राजधानी दिल्ली में फिर से बढ़ने जा रहा है. आज से बजट सत्र का दूसरा हिस्सा शुरू हो गया है. संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक के पारित होने की उम्मीद जताई है. पीएम ने कहा, बजट सत्र शुरू हो रहा है और मुझे विश्वास है कि संसद में बहस और चर्चा का स्तर उठेगा जिसका ध्यान देश के गरीबों के कल्याण पर होगा. उन्होंने यह भी कहा, मुझे यह भी उम्मीद है कि जीएसटी विधेयक पर गतिरोध खत्म होगा. इसकी संभावना है क्योंकि राज्यों और सभी राजनीतिक दलों से बहुत ही सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. उन्होंने आगे कहा, हम लोकतांत्रिक ढंग से बहस और चर्चा करते हुए आगे बढ़ रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि इस सत्र में जीएसटी पारित हो जाएगा. इस सत्र में सरकार को बजट पास कराना है और साथ ही जीएसटी लाने को लेकर कई संबंधित बिल पास कराने हैं. सरकार 1 जुलाई से जीएसटी का लागू कराना चाहती है. यहां क्लिक करें

जीएसटी पर पीएम मोदी ने की विपक्ष से सहयोग की अपील, पढ़ें- इस बिल से जुडीं 7 बड़ी बातें

बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से वस्तु एवं सेवाकर बिल को पास करने के अपील की है. उन्होंने इस बिल के महत्व के बारे में बताते हुए कहा है कि हम इस बिल को पास करवाने के लिए विपक्ष से सहयोग चाहते हैं. आपको बता दें कि पिछले हफ्ते वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि सब कुछ ठीक चल रहा है अब देखने वाली बात होगी कि विपक्ष किए इस बिल में किए गए संशोधनों के बाद कितना सहयोग करता है.

क्या इस बिल की खास बात और कब से हो जाएगा लागू यहां क्लिक करें

GST आने के बाद इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट के नियमों पर क्या असर पड़ेगा

FFFAI के अध्यक्ष समीर जे शाह ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद तमाम कस्टम ब्रोकर्स के कामकाज में बदलाव आएगा, इसलिए वह जीएसटी को लेकर उत्साहित भी हैं।

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) आगामी एक जुलाई से लागू किया जाना है। इसको लेकर देश के तमाम इम्पोर्टर और एक्सपोर्टर में उत्साह दिख रहे हैं। जीएसटी लागू होने के बाद सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी (सीवीडी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी), वैट / सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, परचेज टैक्स, लक्ज़री टैक्स खत्म हो जाएंगे। यहां क्लिक करें

GST को लेकर ट्रेडर्स अभी भी कन्फ्यूज, इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए होलसेल ट्रेडर्स ने नहीं की तैयारी…

गुड्स और सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) 1 जुलाई 2017 से लागू हो सकता है लेकिन अभी तक देश के थोक बाजार के कारोबारी तकनीकी स्तर पर तैयार नहीं है। जीएसटी को लेकर अभी तक ट्रेडर्स और कारोबारी संगठनों में कन्फ्यूजन बना हुआ है। ट्रेडर्स एसोसिएशन सरकार से मांग कर ही है कि सरकार ट्रेडर्स को कंप्यूटर लगाने के लिए प्रोत्साहित करे और कंप्यूटर लगाने के लिए ट्रेडर्स को सब्सिडी दी जाए। यहां क्लिक करें

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